जानें, कटहल की उन्नत खेती की तकनीक एवं लाभ, पैदावार और किस्म कटहल को विश्व का सबसे बड़ा फल भी कहते हैं। इसका पूर्ण विकसित पौधा कई वर्षो तक पैदावार देता है।

कटहल के वृक्ष के बारे में सामान्य जानकारी  कटहल का पौधा एक सदाबहार 8 से 15 मीटर ऊँचा बढ़ने वाला, फैलावदार तथा घने छत्रक युक्त बहुशाखीय वृक्ष है, जो भारत का देशज हैं।

कटहल के पौधे के लिए उपयुक्त जलवायु, मिट्टी और तापमान (Jackfruit Farming) कटहल को किसी भी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है, लेकिन कटहल की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी को उपयुक्त माना गया है

कटहल का पौधा कैसे तैयार किया जाता है?  कटहल के पौधों की रोपाई बीज के रूप में की जाती है।

ग्राफ्टिंग विधि द्वारा पौध कैसे तैयार करें? ग्राफ्टिंग या कटिंग द्वारा तैयार किये गए कटहल के पौधे पर लगभग तीन से चार साल में फल आना शुरू हो जाते है।

तैयार पौध की रोपाई का समय एवं तरीका क्या है? कटहल के तैयार पौधे एवं बीज से रोपाई का सही समय जून से सितम्बर का महीना होता है।

कटहल के पौधे की देखभाल 

प्रमुख कीटमिली बैग - इसकी रोकथाम के लिए मई से जून में खेत की जुताई कर देनी चाहिए

कटहल से पैदावार एवं होने वाला लाभ कटहल का पेड़ रोपाई के बाद तीन से चार साल बाद पैदावार देना आरंभ कर देता है।